AI revolutionizing loan recovery: भारत में कई वित्तीय संस्थानों ने अब कर्ज की बकाया राशि वसूलने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जो ग्राहक अपनी लोन किश्त समय पर नहीं चुका पाते, उन्हें अब AI-जनित अवतार से वीडियो कॉल मिल सकती है। यह अवतार अक्सर वकील के रूप में तैयार किया जाता है और इसका मुख्य उद्देश्य केवल और केवल बकाया राशि वसूलना होता है।
इस बदलाव के पीछे लागत में बचत और अधिक दक्षता की सोच है। AI अवतार, जो आमतौर पर पेशेवर पोशाक में दिखाई देते हैं, सख्त और कानूनी भाषा में ग्राहकों को किश्त चुकाने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके साथ ही ये अवतार हमेशा सभ्य और विनम्र रहते हैं, जो कभी-कभी मानव एजेंट्स के व्यवहार में सीमा पार करने का जोखिम हो सकता है। AI लगातार काम कर सकता है और ग्राहकों तक पहुँचने में अधिक प्रभावी होता है।
मानव रिकवरी एजेंट आमतौर पर ₹30,000 प्रति माह की लागत में लगभग 250 मामलों को संभालते हैं। वहीं, AI एजेंट 20 गुना अधिक कॉल कर सकता है और लागत में 40–60% की बचत करता है। शून्य से 30 दिन की डिफॉल्ट अवधि में, विशेषकर पर्सनल लोन और वाणिज्यिक वाहन लोन में, रिज़ॉल्यूशन दर 80–85% तक देखी गई है।
AI एजेंट्स कैसे काम करते हैं
वर्चुअल कॉल और टेक्स्ट संदेश
अधिकतर बैंक अब हाइब्रिड मॉडल का उपयोग कर रहे हैं। AI-जनित वीडियो कॉल और टेक्स्ट संदेश पहले भेजे जाते हैं और जिन मामलों में कठिनाई आती है, वहां मानव एजेंट की विज़िट होती है।
लागत और दक्षता
AI एजेंट का संचालन मानव एजेंट के मुकाबले कम खर्चीला और अधिक प्रभावी है। 40–60% कम लागत में, AI हजारों कॉल कर सकता है और ग्राहकों तक लगातार पहुँच बना सकता है।
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प्रमुख बैंकों और सेवा प्रदाता
निजी क्षेत्र के बैंक
रिपोर्ट के अनुसार, ICICI बैंक, HDFC बैंक, Yes बैंक, और NBFCs जैसे L&T Finance AI आधारित वर्चुअल कलेक्शन बॉट्स का उपयोग कर रहे हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSBs)
हालांकि PSBs अभी तक इस तकनीक को पूरी तरह से अपनाने में पीछे हैं, वे इसे उपयोग करने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। PSB Alliance के माध्यम से राज्य के बैंक भी इसी तरह के समाधानों का मूल्यांकन कर रहे हैं।
सेवा प्रदाता
इस क्षेत्र में मुख्य सेवा प्रदाता हैं Credgenics, Oriserve, और Sarvam AI, जो बैंकिंग और NBFCs को उन्नत वर्चुअल कलेक्शन बॉट्स प्रदान करते हैं।

नियामक अनुपालन
बैंकों और वित्तीय संस्थानों को RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। इसमें शामिल हैं:
- कॉल का समय: ग्राहकों को सुबह 8 बजे से पहले या शाम 7 बजे के बाद कॉल नहीं किया जा सकता।
- दबाव और डराने-धमकाने से परहेज़: किसी भी प्रकार की शारीरिक या मौखिक धमकी नहीं दी जा सकती।
- गोपनीयता का सम्मान: ग्राहकों और गारंटर की प्राइवेसी का उल्लंघन या सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की अनुमति नहीं है।
इस तरह, AI आधारित वर्चुअल एजेंट्स कानूनी रूप से सुरक्षित और प्रभावी तरीके से लोन रिकवरी में मदद कर रहे हैं।
निष्कर्ष
AI वर्चुअल एजेंट्स के आने से भारत में लोन रिकवरी का परिदृश्य बदल रहा है। निजी बैंक और NBFCs ने इस तकनीक को अपनाकर लागत घटाई है और रिकवरी की दक्षता बढ़ाई है।
मानव एजेंट्स के मुकाबले AI एजेंट अधिक कॉल कर सकते हैं और लगातार काम कर सकते हैं। हाइब्रिड मॉडल के तहत, कठिन मामलों में मानव एजेंट मदद करते हैं।
PSBs भी अब इस तकनीक को अपनाने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे भविष्य में पूरे बैंकिंग सेक्टर में AI आधारित रिकवरी आम हो सकती है।
नियमों का पालन सुनिश्चित करते हुए, यह तकनीक ग्राहकों को परेशान किए बिना कर्ज की समय पर वसूली सुनिश्चित करती है।
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FAQs of AI revolutionizing loan recovery
1. AI वर्चुअल एजेंट क्या है और यह कैसे काम करता है?
AI वर्चुअल एजेंट एक कंप्यूटर-जनित अवतार होता है, जो वीडियो कॉल और टेक्स्ट संदेश के माध्यम से ग्राहकों को लोन की किश्त चुकाने के लिए प्रेरित करता है। यह एजेंट लगातार काम कर सकता है और कानूनी और विनम्र भाषा का पालन करता है।
2. क्या PSBs ने AI एजेंट अपनाया है?
अभी तक अधिकांश सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSBs) पूरी तरह AI एजेंट को लागू नहीं कर पाए हैं, लेकिन वे इसे अपनाने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। कई बैंक PSB Alliance के माध्यम से इसका मूल्यांकन कर रहे हैं।
3. AI एजेंट के फायदे क्या हैं?
AI एजेंट कम लागत, अधिक कॉल क्षमता, लगातार कार्य और उच्च रिकवरी दर जैसी सुविधाएं प्रदान करता है। यह मानव एजेंट की तुलना में 40–60% कम खर्च में लगभग 20 गुना अधिक कॉल कर सकता है।
4. क्या AI एजेंट ग्राहकों को परेशान कर सकते हैं?
नहीं। RBI के नियमों के तहत AI एजेंट ग्राहकों को सुबह 8 बजे से पहले या शाम 7 बजे के बाद कॉल नहीं कर सकते। साथ ही, किसी भी प्रकार की धमकी या अपमान की अनुमति नहीं है।
5. कौन-कौन से सेवा प्रदाता AI कलेक्शन बॉट्स उपलब्ध कराते हैं?
भारत में प्रमुख सेवा प्रदाता हैं Credgenics, Oriserve, और Sarvam AI, जो निजी और सार्वजनिक बैंक, NBFCs को उन्नत वर्चुअल कलेक्शन समाधान प्रदान करते हैं।
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